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स्वच्छ डेंटल क्लीनिक के चुनाव में ही है समझदारी: डॉ. प्रीति

डेंटल चेकअप के दौरान इस्तेमाल होने वाले औजारों का पूरी तरह से स्वच्छ होना बहुत जरूरी है। अगर यह औजार सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते तो इनसे कई जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। लेकिन जब लोगों को इस बारे में पता लगता है तो तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। स्टीम हीटिंग, ड्राई हीट और केमिकल वैपर से क्रिटिकल और सेमी क्रिटिकल इंस्ट्रमेंट को पूरी तरह कीटाणु मुक्त किया जाता है। एक बार कीटाणु मुक्त करने के बाद उपकरणों को पाउच में पैक कर दिया जाता है। डेंटल क्लीनिक में मौजूद रहने वाले सभी उपकरण सीधे ही किस्म किस्म के लोगों के संपर्क में आते हैं। ऐसे में बीमारियों के ट्रांस्फर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए स्वच्छ और सुरक्षित डेंटल क्लीनिक का चुनाव ही समझदारी है।
डेंटल क्लीनिक के औजारों को हाइजीनिक (किटाणु मुक्त) करने का तरीकासबसे पहले हर मरीज की हैल्थ हिस्ट्री को जानकर उसकी स्क्रीनिंग की जाती है। विशेष सावधानी से उनका इलाज करने के लिए सभी इंस्ट्रमेंट्स को पूरी तरह किटाणु मुक्त किया जाता है। पहले औजारों को तीन भाग में विभाजित किया जाता है।1. क्रिटिकल इंस्ट्रमेंटमरीज के रक्त/मांस/नॉन इंटेक्ट स्किन के संपर्क में आने वाले औजार जैसे फोस्सेप्स, स्केलपेल्स, सजिर्कल बर्म।2. सेमी क्रिटिकल इंस्ट्रमेंटइंटेक्ट स्किन के संपर्क में आने वाले औजार जैसे कि मिरर, रियूजेबल है।3. नॉन क्रिटिकल इंस्ट्रमेंटत्वचा के संपर्क में न आने औजार जैसे कि एक्स-रे, ब्लड प्रेशर कप्स।

-Dr. Preety pruthi 
Consultant maxillofacial surgeon (MDS)
Director pruthi dental hospitals

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