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कोविड 19 संकट- जहां टेस्ट की संख्या बढ़ी वहां दूसरी और करोना संक्रमण की रफ्तार भी हुई तेज जाने कैसे सरकार के दावे हुए ध्वस्त

देश में लॉकडाउन के चौथे चरण में आर्थिक गतिविधियां शुरू होते ही कोरोना के संक्रमण में इजाफे का रुझान है। शुक्रवार को रिकॉर्ड 6088 मरीजों की बढ़ोत्तरी हुई है। इधर, कोरोना की जांच में तेजी आई है और रोजाना एक लाख से भी ज्यादा नमूनों की जांच हो रही है। पिछले दो दिनों के आंकड़े देखें तो जांचे गये नमूनों की पॉजिटिव होने की दर 5.6 फीसदी तक पहुंच गई है। जबकि पूर्व में यह चार फीसदी के करीब स्थिर थी। 

छह हजार से अधिक मरीजयह पहला मौका है जब एक दिन में छह हजार से ज्यादा मरीज आए हों। लेकिन पिछले एक सप्ताह से देखें तो मरीजों की दैनिक बढ़ोत्तरी पांच हजार या इससे अधिक दर्ज की गई है। इसमें लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। बीते चौबीस घंटे में 148 लोगों की मृत्यु के साथ मरने वालों की संख्या 3583 तक पहुंच गई है। इस दौरान 48534 लोग स्वस्थ हुए हैं जिनमें 3234 बीते चौबीस घंटे में ठीक हुए हैं। 

संक्रमण में इजाफा: आईसीएमआर द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो दिनों के दौरान कुल 207046 टेस्ट हुए थे। इनमें से पॉजिटिव पाये गये रोगियों की संख्या 11697 है। इनमें 6088 शुक्रवार को और 5609 गुरुवार को आए थे। इस प्रकार यदि दो दिनों के दौरान नमूनों के पॉजिटिव होने की दर देखें तो यह बढ़कर 5.6 फीसदी तक पहुंच गई है। जबकि अभी तक यह चार फीसदी पर टिकी हुई थी। 15 मई को जब 20 लाख और दो मई को 10 लाख टेस्ट हुए थे तो संक्रमण दर चार फीसदी या इसके नीचे रही थी। देश में अब तक 118447 मरीजों की पुष्टि हुई है तथा कुल 2719434 टेस्ट हुए हैं। कुल अब तक की कुल संक्रमण दर देखें तो यह 4.4 फीसदी है। इसमें भी चार प्वाइंट की बढ़ोत्तरी हुई है। 

सरकार के कई दावे ध्वस्त: स्वास्थ्य मंत्रालय एवं आईसीएमआर ने कई मौकों पर कहा था कि कोरोना संक्रमण की दर स्थिर बनी हुई है। लेकिन अब यह दावा ध्वस्त होता नजर आ रहा है। हालांकि संक्रमणों के दोगुना होने की अवधि तीन दिन से बढ़कर 14 दिन हुई है। यह सकारात्मक है। साथ ही स्वस्थ होने वाले रोगियों का प्रतिशत भी सात से बढ़कर 40 पार कर गया है। मृत्यु दर तीन फीसदी के करीब नियंत्रण में 
बनी हुई है। 

नीति आयोग का दावा गलत निकला: नीति आयोग ने अप्रैल में प्रेस कांफ्रेस कर दावा किया था कि 15 मई के बाद कोरोना संक्रमण में कमी का दौर शुरू हो जाएगा। लेकिन उसका यह दावा ध्वस्त हो गया। कमी के बजाय मामले बढ़ने लगे हैं।

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