Wednesday , July 15 2020
Breaking News
Home / जालंधर / दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान और युवा परिवार सेवा समिति की ओर से स्वामी विवेकानंद जयंती पर “Youth Awekeing Workshop”

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान और युवा परिवार सेवा समिति की ओर से स्वामी विवेकानंद जयंती पर “Youth Awekeing Workshop”

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान और युवा परिवार सेवा समिति की और से स्वामी विवेकानंद जयंती पर संस्थान के अमृतसर बाय पास रोड, जालंधर स्थित आश्रम में भव्य स्तर पर “Youth Awekening Workshop” का आयोजन किया गया।जिसके भीतर सैंकड़ों युवाओं ने पहुँचकर स्वामी विवेकानंद जी के जीवन चरित्रों से जुड़े रहस्यों को विचारों व विवेकानंद जी पर गाये गये भजनों के माध्यम से सभी ने उनकी उपलब्धियों को जाना। माहोल ऐसा बना मानों वक़्त तो क्या, साँसे भी थम सी गयी।

स्वामी सज्जनानंद ने पहले आये हुए सभी युवाओं का अभिनंदन किया और कार्यक्रम की रूप रेखा के बारे में बताया।
फिर संस्थान के musical band ने अपनी performance के माध्यम से सभी को देश के बदलाव के लिये अपना योगदान देने का आह्वान किया। Musical band ने “अब नया रक्त लेकर उत्साह चल पड़ा है, हाथ थाम युगपुरूष का ये कारवाँ चल पड़ा है”। “अपराधों के अब हम सब मिलकर गढ़ तोड़ेंगें, युग सेनानी इस समाज का और ना पतन सहेंगें”। “हम संस्कृति के लिये विवेकानंद स्वयं बन जाएँगें” आदि भजनों का गायन किया गया जिससे पंडाल में बैठा हर युवा ऊर्जावान महसूस व आँखे नम करने लगा।
डा. राजबीर (संगठन मंत्री, युवा परिवार सेवा समिति) ने युवाओं को संबोंधित करते हुए कहा देश को अगर बचाना है तो युवाओं को अध्यात्म से नाता जोड़ना ही पड़ेगा फिर से ध्रुव, प्रह्लाद, योगानंद, का इतिहास दोहराना पड़ेगा जो कि केवल आत्म जाग्रति से ही सम्भव है।
श्री कुलविंदर (युवा परिवार सेवा समिति) ने बताया कि किस प्रकार विवेकानंद ने ध्यान की गूढ़ अवस्था में पहुँचकर अपने मन को नियंत्रित किया था हमें भी ध्यान को अपनाना है जिसका आधार ब्रह्म ज्ञान है।
साध्वी उर्मिला भारती ( दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान) ने आए हुए सभी युवाओं का धन्यवाद किया और उन्हें विवेकानंद जी की तरह चरित्रवान बन्नने का संदेश दिया और अंत में सभी ने स्वामी विवेकानंद जी के मार्ग पर चलने की शपथ ली।

About Front Page

Check Also

ਪਾਲਘਰ ਚ’ ਸਾਧੂਆਂ ਦੀ ਦਰਦਨਾਖ ਹੱਤਿਆ ਤੇ ਚੁੱਪ ਰਹਿਣ ਵਾਲੀ ਕਾਂਗਰਸ ਦਾ ਗੈਂਗਸਟਰ ਲਈ ਪਿੱਟਸਿਆਪਾ ਕਿਉਂ ਨੀ ਰੁਕ ਰਿਹਾ-ਪ੍ਰਸ਼ੋਤਮ ਗੋਗੀ

ਫਰੰਟ ਪੇਜ (ਰਮੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ) ਜਿਸ ਰਾਤ ਮਹਾਰਾਸ਼ਟਰ ਦੇ ਪਾਲਘਰ ਵਿੱਚ ਦੋ ਸਾਧੂਆਂ ਦੀ ਬੜੇ ਦਰਦਨਾਖ …