Tuesday , October 15 2019
Breaking News
Home / पंजाब / अमेजॉन और फ्लिपकार्ट को एसजीपीसी ने भेजा कानूनी नोटिस

अमेजॉन और फ्लिपकार्ट को एसजीपीसी ने भेजा कानूनी नोटिस

श्री गुरु नानक देव जी की मूर्तियां बेच रही ऑनलाइन कंपनी अमेजॉन और फ्लिपकार्ट को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कानूनी नोटिस भेजा है।

एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि इन दोनों कंपनियों को इस बात की जानकारी है कि गुरु साहिब की मूर्तियां न बनाई जा सकती हैं और न बेची जा सकती हैं।

इसके बावजूद इन दोनों कंपनियों ने जानबूझ कर यह हरकत की है। इन दोनों कंपनियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। भाई लौंगोवाल ने कहा कि सिख धर्म में मूर्ति पूजा का कोई स्थान नहीं है। इसलिए गुरु साहिबान की मूर्तियों को बनाकर उन्हें बेचने के लिए रखना सिख सहन नहीं करेंगे।

दोनों कंपनियों को अभी कानूनी नोटिस भेजे गए हैं। अगर कंपनियों ने अपनी वेबसाइट से गुरु साहिब की मूर्तियां न हटाईं तो एसजीपीसी इनके विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करवाएगी।

About Front Page

Check Also

गर्मी की कहरः तरनतारन रहा सबसे गर्म, जालंधर-बठिंडा में लोग बेहाल

पंजाब में प्रचंड गर्मी से लोगों को कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। …


  1. Like!! Thank you for publishing this awesome article.

  2. It’s a pity you don’t have a donate button! I’d most certainly donate
    to this excellent blog! I suppose for now i’ll settle for bookmarking and
    adding your RSS feed to my Google account. I look forward to new
    updates and will share this site with my Facebook group.
    Chat soon!

  3. Thanks for your write-up. One other thing is that individual states have their very own laws that affect home owners, which makes it very difficult for the our elected representatives to come up with a fresh set of recommendations concerning foreclosures on homeowners. The problem is that a state possesses own regulations which may interact in an unwanted manner on the subject of foreclosure guidelines.

  4. Wonderful website. Plenty of helpful info here. I’m sending it to a few friends and additionally sharing in delicious. And certainly, thank you on your effort!

Leave a Reply

Your email address will not be published.