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32 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी करने उतरेगी टीम इंडिया

साउथ हैम्पटन में खेला गया चौथा मैच गंवाते ही भारतीय टीम सीरीज 1-3 से हार चुकी है। अब शुक्रवार से लंदन के ओवल मैदान पर शुरू होने जा रहे पांचवें और अंतिम टेस्ट में टीम इंडिया अपना सम्मान बचाने उतरेगी।

यह अंतिम टेस्ट इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और सफलतम बल्लेबाज एलिस्टर कुक का आखिरी मैच होगा। ऐसे में इसे यादगार बनाने के लिए मेजबान टीम पूरी ताकत लगा देगी। भारत के लिए 2-3 का नतीजा 1-4 से कहीं बेहतर होगा और ‘कोहली सेना’ इस जीत के लिए बेताब है।

वैसे आखिरी टेस्ट अपने नाम कर टीम इंडिया 32 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी करने भी उतरेगी। यह रिकॉर्ड है इंग्लैंड की धरती पर एक सीरीज में दो मैच जीतने का। भारतीय टीम अब तक सिर्फ 1986 में ही इंग्लैंड में एक सीरीज में 2 मैच जीत पाई है।

तब कपिल देव की कप्तानी में भारत ने सीरीज में दो टेस्ट जीते थे।

मुख्य कोच रवि शास्त्री ने यह कहकर टीम का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया है कि यह पिछले 15 साल में विदेशी दौरों पर जाने वाली यह सर्वश्रेष्ठ टीम है। हालांकि तथ्य इसे साबित नहीं करते।

पिछले कप्तानों का विदेशी दौरा

आंकड़े देखें तो सौरव गांगुली की अगुआई में भारत ने इंग्लैंड (2002) और आस्ट्रेलिया (2003-04) में श्रृंखलाएं ड्रॉ करवाई और वेस्टइंडीज में टीम टेस्ट मैच और पाकिस्तान में श्रृंखला जीतने में सफल रही।
राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में भारत ने वेस्टइंडीज में 2006 और इंग्लैंड में 2007 में श्रृंखला जीती और दक्षिण अफ्रीका में भी टीम एक टेस्ट जीतने में सफल रही।
अनिल कुंबले की अगुवाई में भारत ने पर्थ के उछाल भरे विकेट पर पहली बार टेस्ट जीता जबकि धोनी की कप्तानी में न्यूजीलैंड में श्रृंखला जीत और पहली बार दक्षिण अफ्रीका में श्रृंखला ड्रॉ कराना टीम इंडिया की उपलब्धि रही।
दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में लगातार दो श्रृंखला गंवाने के बाद विदेशी दौरे पर अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम का मिथक टूट गया है और टीम इंडिया यह साबित करने में नाकाम रही है कि वे उपमहाद्वीप के बाहर श्रृंखला जीतने में सक्षम हैं।
कोहली की टीम हालांकि 2018 में दोनों विदेशी श्रृंखलाएं गंवाने के बावजूद अब तक अपनी शीर्ष टेस्ट रैंकिंग बचाने में सफल रही है।

सलामी बल्लेबाजी गले की फांस

पृथ्वी शॉ

टीम का संयोजन एक बार फिर चर्चा का विषय है। टीम इंडिया सर्वश्रेष्ठ 11 खिलाड़ियों के साथ उतरना चाहेगी लेकिन प्रयोग की संभावना भी बनी हुई है। टेस्ट टीम में पृथ्वी शॉ को शामिल करने से पता चलता है कि भारतीय चयनकर्ताओं की नजरें सलामी बल्लेबाजों के विकल्प पर टिकी हैं।

मुरली विजय के टीम से बाहर होने के बाद चयनकर्ताओं को अपनी योजनाएं जल्द ही पुख्ता करनी होगी क्योंकि टीम दिसंबर में आस्ट्रेलिया दौरे पर जाएगी।
कुछ लोगों का मानना है कि पृथ्वी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ परखा जाना चाहिए। अगर वह इस एकमात्र टेस्ट में विफल भी रहता है तो भी 18 साल की उम्र के कारण उसके पास दोबारा आगे बढ़ने का पर्याप्त समय होगा। हालांकि अगर वह सफल रहता है तो आस्ट्रेलिया दौरे के लिए सलामी जोड़ी की समस्या का हल निकल सकता है।
दूसरी तरफ कुछ लोगों का मानना है कि शिखर धवन और लोकेश राहुल की मौजूदा सलामी जोड़ी को बरकरार रखा जाना चाहिए।
अगर चयनकर्ताओं की नजरें भविष्य पर हैं तो यह इन दोनों में से एक के पास वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला और स्वदेश में प्रथम श्रेणी सत्र के शुरू होने से पहले प्रभावित करने का अंतिम मौका होगा।
शुरुआती संकेत हैं कि पृथ्वी को मौके के लिए कम से कम घरेलू सत्र तक इंतजार करना होगा। भारत अपने निचले मध्य क्रम और गेंदबाजी संयोजन में भी बदलाव कर सकता है।
हार्दिक पंड्या एक बार फिर बल्ले से नाकाम रहे जिससे टीम प्रबंधन हनुमा विहारी को आजमा सकता है जो मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने के अलावा प्रभावी स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते हैं।

स्पिन गेंदबाजी में होगा बदलाव!

रविंद्र जडेजा को दौरे पर पहला टेस्ट खेलने का मौका मिल सकता है क्योंकि रविचंद्रन अश्विन ने बुधवार को नेट पर गेंदबाजी नहीं की जबकि उनकी मूवमेंट में भी समस्या दिख रही थी।
टीम प्रबंधन ने पुष्टि नहीं की है लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार अश्विन के कूल्हे की मांसपेशियों में जकड़न बढ़ गई है और वह अंतिम टेस्ट में नहीं खेल पाएंगे।
यूएई में अगले हफ्ते शुरू हो रहे एशिया कप को देखते हुए जसप्रीत बुमराह को भी आराम दिया जा सकता है। बुमराह और शार्दुल ठाकुर भारत की समिति ओवरों की टीम का हिस्सा हैं। उमेश यादव की ऐसे में अंतिम टेस्ट के लिए टीम में वापसी हो सकती है।

कुक का आखिरी टेस्ट

इंग्लैंड के लिए यह टेस्ट हालांकि भावनात्मक रूप से अहम होगा। उसके सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक एलिस्टर कुक अंतिम बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नजर आएंगे और इसके साथ ही श्रीलंका दौरे के लिए टीम की सलामी जोड़ी की तलाश भी शुरू हो जाएगी।
कुक के संन्यास की घोषणा के बाद चयनकर्ताओं ने पांचवें टेस्ट की टीम में कोई बदलाव नहीं किया जो दर्शाता है कि चयनकर्ताओं ने दूसरे सलामी बल्लेबाज कीटोन जेनिंग्स पर भरोसा बरकरार रखा है।
इस श्रृंखला की अन्य पिचों की तरह बुधवार को द ओवल की पिच भी हरी नजर आ रही थी। हालांकि पिच पर पूरी तरह से घास नहीं है।

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5 comments

  1. 6. New York Academy for Acting and Movie.

  2. Post writing is also a fun, if you know after that
    you can write otherwise it is complex to write.

  3. The mainstage comes after Appearing Courses.

  4. I studied in a couple of colleges for acting.

  5. Most actors make investments their time and efforts poorly.

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